मेरठ के पास के गांव से IIT पहुंचने वाले प्रशांत चौधरी अब ग्रामीण बच्चों को मोबाइल पर मुफ्त में कोडिंग और AI सिखा रहे हैं। उनकी इस पहल के लिए उन्हें 31 अक्टूबर को 5वां रोहिणी नैयर पुरस्कार मिला। प्रशांत के CodeYogi Foundation से नौ राज्यों के 120 जिलों में 3 लाख 50 हजार से ज्यादा छात्र जुड़ चुके हैं।
- प्रशांत चौधरी को ग्रामीण इलाकों में टेक्नोलॉजी की पढ़ाई को सरल बनाने के लिए पुरस्कृत किया गया।
- CodeYogi Foundation सरकारी स्कूलों और गरीब परिवारों के बच्चों को मोबाइल के जरिए मुफ्त में कोडिंग और AI सिखाती है।
- यह प्रोग्राम हिंदी और अन्य स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे भाषा की बाधा न रहे।
- प्रशांत ने 2020 में देहरादून शिफ्ट होने के बाद एक सरकारी पॉलिटेक्निक में फ्री सॉफ्टवेयर ट्रेनिंग शुरू की।
- 2023 में CodeYogi ने हिंदी-फर्स्ट मोबाइल कोडिंग कोर्स शुरू किया, जो बेहद कम खर्च में उपलब्ध है।
- CodeYogi का दायरा अब 9 राज्यों और 120 जिलों तक बढ़ चुका है।
- अब कोडिंग के साथ-साथ AI का भी समावेश किया गया है।
महत्वपूर्ण निर्देश: कोर्स में हिस्सा लेने वाले छात्रों का अधिकांश हिस्सा मोबाइल पर निर्भर है।
प्रशांत चौधरी को दिया गया रोहिणी नैयर पुरस्कार 40 साल से कम उम्र के ग्रामीण विकास में काम करने वालों को दिया जाता है। प्रशांत का अगला लक्ष्य इस प्रोजेक्ट को बड़े स्तर पर पहुंचाना है, जिससे अगले तीन सालों में 50 लाख ग्रामीण छात्र इस प्रोग्राम से जुड़ सकें।
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