रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत यूरोपीय देशों के लिए एक प्रमुख हथियार सप्लायर के रूप में उभरा है। ट्रेड डेटा मॉनिटर के अनुसार, भारत ने युद्ध के बाद से यूरोप को 8,271 करोड़ रुपए के गोला-बारूद की सप्लाई की है, जिसमें आर्टिलरी और मोर्टार शेल्स शामिल हैं।
- भारत का यूरोप को रक्षा निर्यात 1600% बढ़ा है, वह दक्षिण कोरिया के बाद दूसरा सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है।
- इसी अवधि में भारत ने इजराइल को करीब 630 करोड़ रु. मूल्य के सैन्य उपकरण सप्लाई किए हैं।
- भारतीय रक्षा उद्योग ने केवल एक वर्ष में पिछले छह वर्षों के बराबर निर्यात कर लिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यूक्रेन की जरूरतों के चलते भारत से हथियार आयात बढ़ा है।
स्वीडन की संस्था सिपरी के सीनियर रिसर्चर सिमोन वेजमैन के अनुसार, यूक्रेन और यूरोप की रक्षा मांगों को पूरा करने के लिए भारत से हथियार इम्पोर्ट किए जा रहे हैं। किंग्स कॉलेज लंदन के वॉल्टर लाडविग ने बताया कि भारतीय कंपनियां सीधे यूक्रेन को हथियार देने के बजाय यूरोपीय देशों को बेच रही हैं।
मार्च 2026 तक, भारत इजराइल को विमान, हेलिकॉप्टर और ड्रोन के पुर्जे सप्लाई करने वाला तीसरा सबसे बड़ा विदेशी आपूर्तिकर्ता बन जाएगा। यह भारत की रक्षा उद्योग की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है, जो विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है।
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