डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी मंदिर की पंचमी भेंट शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न

डोंगरगढ़ के मां बम्लेश्वरी मंदिर में इस बार पंचमी भेंट का आयोजन बिना किसी विवाद के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। बस्तर से पहुंचे 15 आंगादेव और मां बम्लेश्वरी के नाम की नई डांग के साथ आदिवासी समाज ने परंपरागत पूजा-अर्चना की। इस आयोजन में खैरागढ़ राजपरिवार, गोंड समाज और मंदिर ट्रस्ट समिति के बीच तालमेल देखने को मिला।

  • पिछले आयोजनों में पूजा के तरीके और गर्भगृह में प्रवेश को लेकर हुए मतभेदों के बाद इस बार जिला प्रशासन और पुलिस ने तीनों पक्षों से बातचीत कर सहमति बनाई।
  • बूढ़ादेव गुफा से मां बम्लेश्वरी मंदिर तक निकली यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए, जिससे आयोजन को धार्मिक आस्था के साथ आपसी भाईचारे और मिल-जुलकर परंपरा निभाने का संदेश मिला।
  • खैरागढ़ के राजमहल लाल निवास से शुरू हुई पंचमी भेंट यात्रा में आदिवासी समाज के लोगों ने अपनी परंपरा के अनुसार पूजा-पाठ किया।
  • बस्तर से आए 15 आंगादेव और नई डांग ने आयोजन को खास बनाया।
  • इस बार मंदिर ट्रस्ट समिति और गोंड समाज ने मिलकर आयोजन को सफल बनाया।

आयोजन के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को संभाला और कार्यक्रम को सफल बनाया।

मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने पंचमी भेंट यात्रा के शांतिपूर्ण आयोजन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कपड़ों में पहुंचे आदिवासी समाज के लोगों की यात्रा का सभी ने उत्साह के साथ स्वागत किया। खैरागढ़ राजपरिवार के राजकुमार भवानी बहादुर सिंह ने आयोजन को सफल बनाने के लिए गोंड समाज, मंदिर ट्रस्ट समिति और जिला प्रशासन के सहयोग की सराहना की।

पिछले आयोजनों में हुए विवादों के बावजूद इस बार का आयोजन आपसी समझ और संवाद का उदाहरण बना। इसका श्रेय जिला प्रशासन, पुलिस और सभी पक्षों के बीच हुए सफल संवाद को जाता है। इस प्रकार का आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को प्रकट करता है बल्कि समाज के विभिन्न हिस्सों को एकजुट करने का भी काम करता है।