छत्तीसगढ़ में अवैध शराब कारोबार का नया तरीका: पैकिंग बदलकर हो रही है पहचान छुपाने की कोशिश

छत्तीसगढ़ में अवैध शराब का कारोबार कोई नया मुद्दा नहीं है, लेकिन 2026 में इसके तरीकों में परिवर्तन दिखाई दे रहा है। अब दूसरे राज्यों से यहां लाई गई शराब की पहचान बदलकर उसे छत्तीसगढ़ की स्थानीय शराब के रूप में बेचे जाने की कोशिशें हो रही हैं।

  • जनवरी से सितंबर के दौरान राजनांदगांव, डोंगरगढ़, कबीरधाम, महासमुंद, कांकेर, मोहला और सूरजपुर में कार्रवाई की गई।
  • इन जगहों से मध्यप्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड की शराब के साथ-साथ खाली बोतलें, ढक्कन, लेबल और नकली होलोग्राम भी बरामद हुए।
  • डोंगरगढ़ में, शराब मध्यप्रदेश से लाई जा रही थी और पैकिंग सामग्री दिल्ली, पुणे और नागपुर से लाई जा रही थी।
  • महासमुंद के सरायपाली में अगस्त में बड़े पैमाने पर गोवा की अंग्रेजी शराब जब्त की गई।
  • सूरजपुर में नकली ढक्कन और मिलावटी शराब पकड़ी गई, जो अलग तरीके से अवैध कारोबार को दर्शाता है।

महत्वपूर्ण निर्देश: नकली होलोग्राम और बदली हुई पैकिंग का असर सिर्फ सरकारी राजस्व पर नहीं, बल्कि ग्राहक की सुरक्षा पर भी पड़ता है। इसे खरीदते समय सावधानी बरतें और शराब की वैधता की जांच अवश्य करें।

छत्तीसगढ़ में अवैध शराब के इस नए तरीके से न केवल राज्य के राजस्व को नुकसान हो रहा है, बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर भी खतरा बन रहा है। नकली होलोग्राम और पैकिंग के माध्यम से पहचान छुपाकर बेची जा रही शराब की गुणवत्ता और स्रोत पर संदेह बना रहता है।