महान नदी पुल की बदहाली पर डिप्टी सीएम अरुण साव का फूटा गुस्सा

छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर स्थित महान नदी के पुल की दुर्दशा देखकर अपना काफिला रुकवा दिया। पुल पर गड्ढे और बाहर निकले सरिए देखकर वे बेहद नाराज हो गए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से पुल की मरम्मत में देरी पर जवाब मांगा।

  • अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर महान नदी के पुल की दुर्दशा
  • पुल पर गड्ढे और बाहर निकले सरिए बने हादसों का कारण
  • डिप्टी सीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारी को लगाई फटकार
  • पुल की मरम्मत के लिए कोई तकनीकी या प्रशासनिक बाधा नहीं
  • बारिश के बाद सड़क की खराब स्थिति से बढ़ी समस्या

मंत्री अरुण साव ने पुल की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की

गुरुवार को अरुण साव ने अंबिकापुर से बलरामपुर के बीच यात्रा के दौरान पुल की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने सरगुजा पीडब्लूडी सेतु संभाग के ईई रमेश कुमार वर्मा से पुल की मरम्मत में देरी पर सवाल किए। मंत्री ने जोर देकर कहा कि पुल की दुर्दशा किसी हादसे का कारण बन सकती है।

इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि मार्ग के 22 किलोमीटर हिस्से की मरम्मत के लिए टेंडर हो चुका है और काम 15 अक्टूबर के बाद शुरू किया जाएगा। हालांकि, महान नदी के पुल पर गड्ढों और बाहर निकले सरियों की समस्या का समाधान कब तक होगा, इसकी स्पष्ट समयसीमा अभी तक नहीं दी गई है।

उल्लेखनीय है कि निर्माणाधीन नेशनल हाईवे-343 के कारण वैकल्पिक मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। इससे पुल और सड़क की समस्याएं और भी गंभीर हो गई हैं।

डिप्टी सीएम अरुण साव के इस निरीक्षण के बाद उम्मीद है कि पुल की मरम्मत जल्द से जल्द की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।