रायपुर: हत्या की गुत्थी 2 साल बाद सुलझी, DNA सबूतों से तीन आरोपी गिरफ्तार

रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में करीब 2 साल पूर्व हुई लता साहू की हत्या के मामले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने DNA सबूतों के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो घटना के समय पहचान में नहीं आ सके थे। इस केस को सुलझाने में वैज्ञानिक सबूतों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

  • हत्या के समय महिला के नाखूनों से मिले जैविक सैंपल का DNA प्रोफाइल सुरक्षित रखा गया था।
  • 2 साल बाद संदिग्धों के DNA सैंपल से मिलान कराया गया, जिसमें तीनों आरोपियों का DNA मैच हुआ।
  • 21 अगस्त 2024 को शराब को लेकर हुए विवाद में लता साहू की हत्या की गई थी।
  • मुख्य आरोपी राजू मंडल उर्फ बंगाली ने गला दबाकर हत्या की थी जबकि अन्य दो आरोपियों ने सहयोग किया।
  • घटना के बाद तीनों आरोपी कैश और गहने लेकर फरार हो गए थे।

पुलिस की चेतावनी: इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और किसी भी संदिग्ध को कानून से नहीं बख्शा जाएगा।

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान महिला के नाखूनों में पाए गए जैविक निशानों का DNA प्रोफाइल सुरक्षित रखा गया था। 2026 में नई जानकारी मिलने पर संदिग्धों के DNA सैंपल लिए गए। जब इनका मिलान पुराने प्रोफाइल से किया गया तो तीनों आरोपियों का DNA मैच हो गया। इसके बाद आरोपियों से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने हत्या की पूरी घटना स्वीकार की।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मनहरण सारंग (33), राजेश पाल उर्फ चोटी (31) और राजू मंडल उर्फ बंगाली (35) शामिल हैं। राजू मंडल के खिलाफ पहले से ही हत्या और चोरी के मामले दर्ज हैं। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि मनहरण सारंग के खिलाफ मारपीट और अवैध वसूली के मामले दर्ज हैं।

इस मामले में पुलिस की कार्यवाही ने साबित कर दिया है कि अपराधियों को समय के साथ न्याय के कटघरे में लाया जा सकता है। DNA सबूत और तकनीकी जांच की मदद से पुलिस ने इस जटिल मामले को सुलझाने में सफलता पाई है।