भोपाल सहित पूरे मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रिक स्कूटरों का चलन तेजी से बढ़ रहा है। त्योहारी सीजन में इनकी डिमांड में 3-4 गुना तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है। बढ़ती मांग के बीच फैक्ट्रियों में दिन-रात उत्पादन हो रहा है, लेकिन फिर भी तत्काल डिलीवरी करना मुश्किल हो गया है।

  • मंडीदीप इंडस्ट्रियल हब की इलेक्ट्रिक स्कूटर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में उत्पादन तेज गति से चल रहा है।
  • अनमोल बोहरा के अनुसार, पिछले एक साल में ईवी की मांग में 2-3 गुना वृद्धि हुई है।
  • केंद्र सरकार की नीतियों के चलते ईवी सेक्टर को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे टू-व्हीलर बाजार में ईवी की हिस्सेदारी 20-30% तक पहुंच चुकी है।
  • शोरूम में तत्काल डिलीवरी बंद है और सिर्फ एडवांस बुकिंग पर ही स्कूटर मिल रहे हैं।
  • रिमूवेबल बैटरी तकनीक ग्राहकों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है, खासकर उनके लिए जिनके घर में पार्किंग के पास चार्जिंग पॉइंट नहीं है।

महत्वपूर्ण निर्देश: ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी जरूरतों के अनुसार पहले से ही बुकिंग करवा लें, ताकि त्योहारों में डिलीवरी में देरी से बचा जा सके।

छात्र आयुष पवार, जो पिछले छह महीने से ई-स्कूटर चला रहे हैं, का कहना है कि इससे उनका रोजाना का खर्च आधा हो गया है। इससे पता चलता है कि ई-स्कूटर न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि जेब के लिए भी फायदेमंद हैं। त्योहारों के इस सीजन में इलेक्ट्रिक स्कूटर की मांग में उछाल निश्चित रूप से ईवी के भविष्य को उज्ज्वल बना रहा है।