छत्तीसगढ़ कोल लेवी घोटाले में 570 करोड़ का मामला: EOW ने कोर्ट में पेश की अंतिम चार्जशीट
छत्तीसगढ़ में 570 करोड़ रुपए के कथित कोल लेवी घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने स्पेशल कोर्ट में सोमवार को अंतिम आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। इस मामले में 9 प्रमुख आरोपियों पर जांच के बाद सबूतों के आधार पर कार्रवाई की गई है।
- आरोपियों में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, रामगोपाल अग्रवाल, IAS जयप्रकाश मौर्य और दीपेश टांक शामिल हैं।
- ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि नेताओं और अधिकारियों को कोल लेवी से 570 करोड़ रुपए में से 101 करोड़ रुपए का लाभ मिला।
- जांच में अब तक 170 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
- एफआईआर में नामजद आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में प्रस्तुत सबूतों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की गई।
महत्वपूर्ण निर्देश: मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है, अतः दोषसिद्धि या निर्दोषता पर टिप्पणी से बचें।
ईडी की चार्जशीट के अनुसार, कोल लेवी घोटाले के मास्टरमाइंड सूर्यकांत तिवारी ने कथित रूप से कोयला ट्रांसपोर्टिंग करने वालों से अवैध वसूली की। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव और सूर्यकांत के बीच वॉट्सऐप चैट में खैरागढ़ चुनाव से जुड़े लेन-देन का जिक्र है।
ED की रिपोर्ट पर आधारित ACB/EOW द्वारा 2 पूर्व मंत्रियों, विधायकों समेत 36 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोपी नेताओं और अफसरों पर कोल लेवी के पैसों से प्रॉपर्टी, गहने खरीदने और चुनाव में खर्च करने का आरोप है।
इस मामले की जाँच में अब तक कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं, जिनमें IAS रानू साहू, IAS समीर विश्नोई और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी शामिल हैं। चार्जशीट में इन सभी के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए गए हैं।
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