मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर इंदौर में बुधवार दोपहर को एक दिल दहला देने वाला भीषण सड़क हादसा सामने आया है। इस दर्दनाक दुर्घटना में तेज रफ्तार का कहर साफ तौर पर देखने को मिला, जहां एक अनियंत्रित इनोवा कार ने महज कुछ ही पलों में सड़क पर चल रहे पांच वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भयंकर हादसे में एक बुजुर्ग समेत कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद से स्थानीय क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और लोगों के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

घटना का पूरा घटनाक्रम और समय

यह पूरी दुर्घटना इंदौर के राऊ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले श्रमिक कॉलोनी के पास घटित हुई। समय दोपहर के करीब 12 बजे का था, जब सड़कों पर सामान्य दिनों की तरह आवाजाही चल रही थी। अचानक हुई इस घटना ने वहां मौजूद सभी लोगों को सहमा कर रख दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक सफेद रंग की इनोवा कार बेहद खतरनाक और तेज रफ्तार में आ रही थी। कार की गति इतनी अधिक थी कि अंदाजा लगाया जा रहा है कि वाहन लगभग 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रहा था। इतनी भारी-भरकम गाड़ी को इतनी रफ्तार में संभाल पाना चालक के लिए मुश्किल साबित हुआ और उसने एक के बाद एक कई वाहनों को टक्कर मार दी।

एक के बाद एक पांच वाहनों को मारी टक्कर

प्राप्त जानकारी और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर, इनोवा कार ने सबसे पहले सड़क पर जा रही एक एक्टिवा स्कूटी को जोरदार टक्कर मारी। इसके बाद चालक अपनी गति पर नियंत्रण नहीं रख पाया और उसने सिलसिलेवार तरीके से तीन अन्य बाइकों को भी अपनी चपेट में ले लिया। दोपहिया वाहनों को रौंदने के बाद भी जब गाड़ी नहीं रुकी, तो सामने से आ रहे एक भारी ट्रैक्टर से उसकी आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। इनोवा की टक्कर इतनी जबरदस्त और भीषण थी कि ट्रैक्टर असंतुलित होकर सड़क के दूसरी तरफ जाकर पलट गया।

घायलों को 200 फीट तक घसीटने का खौफनाक मंजर

इस सड़क हादसे का सबसे डरावना पहलू यह रहा कि जब इनोवा चालक ने शुरुआती टक्कर मारी, तो घबराहट और डर के मारे उसने गाड़ी रोकने के बजाय उसे भगाने का प्रयास किया। इस दौरान चालक ने अपनी गाड़ी की रफ्तार और तेज कर दी और वाहनों तथा सड़क पर गिरे घायलों को करीब 200 फीट की लंबी दूरी तक घसीटता चला गया। इस अमानवीय और लापरवाह हरकत के कारण घायलों को गंभीर आंतरिक और बाहरी चोटें आईं। हादसे में घायल हुए लोगों में राजपाल सिंह, भगत सिंह, पवन, मुस्तफा और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। इनमें से एक बुजुर्ग व्यक्ति की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज आईसीयू या विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और एफआरवी का उपयोग

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। एसीपी निधि सक्सेना अपने पुलिस बल के साथ बिना किसी देरी के तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। मौके पर पहुँचकर उन्होंने सबसे पहले राहत और बचाव कार्य शुरू किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जब मौके पर तुरंत एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाई, तो पुलिस ने बिना एक पल गंवाए अपनी सूझबूझ का परिचय दिया। पुलिस कर्मियों ने तुरंत अपनी एफआरवी (First Response Vehicle) यानी फर्स्ट रिस्पॉन्स व्हीकल का उपयोग करते हुए सभी घायलों को अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाया और फौरन पास के एक निजी अस्पताल में पहुंचाया, जिससे समय रहते घायलों को शुरुआती चिकित्सा सहायता मिल सकी।

आरोपी ड्राइवर हिरासत में और वाहन जब्त

इस पूरे मामले में इंदौर पुलिस ने त्वरित कानूनी कार्रवाई करते हुए कड़े कदम उठाए हैं। पुलिस ने दुर्घटना को अंजाम देने वाली इनोवा कार को मौके से ही जब्त कर लिया है। इसके साथ ही, गाड़ी चला रहे आरोपी ड्राइवर, जिसका नाम अमन बताया जा रहा है, उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया है। आरोपी को हिरासत में लेने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए उसे राऊ थाने भेज दिया गया है। इंदौर पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ड्राइवर नशे में था या गाड़ी में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी थी अथवा यह पूरी तरह से लापरवाही का मामला था। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि कानून के मुताबिक आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक चिंताएं

इंदौर के राऊ क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर शहरी इलाकों में तेज रफ्तार ड्राइविंग और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले चालकों के रवैये को उजागर कर दिया है। महानगरों और उनके उप-शहरी इलाकों में लगातार बढ़ रही वाहनों की रफ्तार आम नागरिकों की जान के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। विशेषकर दोपहर के समय जब सड़कों पर मध्यम आवाजाही होती है, ऐसे में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चलाना अपने आप में एक बड़ा अपराध और लापरवाही है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे लापरवाह चालकों के खिलाफ यातायात पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए और स्पीड लिमिट का कड़ाई से पालन कराया जाना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।