नई दिल्ली में जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग एक ऐतिहासिक घटना साबित हुई जब शेयर ₹1,358 पर लिस्ट हुआ, जो इसके ₹1,119 के इश्यू प्राइस से 21% ज्यादा है। इस अवसर पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी भावुक हो गए, जब उनके बेटे अनंत अंबानी ने जियो की सफलता की कहानी साझा की।

  • जियो प्लेटफॉर्म्स का मार्केट कैप 12.50 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो इसे देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनाता है।
  • रिलायंस का मार्केट कैप 16 लाख करोड़ रुपए है, जबकि एयरटेल का 12.20 लाख करोड़ रुपए है।
  • जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के साथ, रिलायंस ग्रुप भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक समूह बन गया है।

लिस्टिंग के बाद, क्या करें निवेशक?

मार्केट विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि निवेशक ने सिर्फ लिस्टिंग लाभ के लिए निवेश किया है, तो मुनाफा वसूलना उचित होगा। दीर्घकालिक निवेशकों को शेयर होल्ड करने की सलाह है, क्योंकि विशेषज्ञों को उम्मीद है कि कंपनी का शेयर ₹1,500 से ₹1,800 तक जा सकता है।

जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग ने इसे 100 अरब डॉलर के मार्केट कैप वाले क्लब में शामिल कर दिया है, जिसमें मेटा, अलीबाबा और स्पेसएक्स जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं।

  • जियो आईपीओ 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
  • संस्थागत निवेशकों ने 70.55 गुना और गैर-संस्थागत निवेशकों ने 14.00 गुना सब्सक्राइब किया।
  • रिटेल निवेशकों का सब्सक्रिप्शन 2.72 गुना रहा।

इस लिस्टिंग के साथ, रिलायंस ग्रुप का कुल मार्केट कैप ₹28.9 लाख करोड़ हो गया है, जिससे यह टाटा ग्रुप को पीछे छोड़ते हुए भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक समूह बन गया है।

यह लिस्टिंग न केवल जियो प्लेटफॉर्म्स के लिए एक बड़ी सफलता है, बल्कि भारतीय व्यापारिक क्षेत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।