नेपाल के रसुवा जिले में आई बाढ़ के कारण बिहार के गंडक बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे बिहार के कई जिलों में संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति का जायजा लेते हुए चेतावनी दी है कि खतरा अभी टला नहीं है।
- गंडक बैराज के 36 गेट खोल दिए गए हैं और हर सेकेंड 79.3 लाख लीटर पानी छोड़ा जा रहा है।
- बिहार के 8 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है, जिनमें पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर शामिल हैं।
- प्रशासन ने गंडक नदी के किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- NDRF और SDRF की टीमें संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों में तैनात की गई हैं।
- कम्युनिटी किचन की व्यवस्था बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए की गई है।
महत्वपूर्ण निर्देश: गंडक और कोसी नदियों के पास बाढ़ के तेज बहाव के कारण नाव चलाने और नदी में जाने से बचने की सलाह दी गई है। नेपाल बॉर्डर पर ऐहतियातन आवाजाही को रोका गया है।
नेपाल के पानी से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति ने बिहार के कई इलाकों में जलभराव का संकट पैदा कर दिया है। वैशाली में 400 से अधिक घर डूब चुके हैं और मुंगेर के निचले इलाकों में भी पानी घुस चुका है। खगड़िया में 50 हजार से ज्यादा घर पानी में डूबे हुए हैं। गंडक बैराज को 8.5 लाख क्यूसेक पानी का दबाव सहने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे फिलहाल बैराज पर कोई खतरा नहीं है। हालांकि, पानी का तेज बहाव चिंता का विषय बना हुआ है।
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