राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हाल ही में हुए दर्दनाक पांच मंजिला पीजी (PG) बिल्डिंग हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और नगर निगम (MCD) ने अवैध निर्माण के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस भीषण हादसे में सात लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कड़े निर्देश देते हुए सभी अवैध पीजी हॉस्टलों और जर्जर इमारतों की व्यापक स्तर पर जांच करने के आदेश दिए हैं। प्रशासन की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई के तहत अब अवैध निर्माण और असुरक्षित इमारतों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।
अवैध निर्माणों और जर्जर इमारतों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सत्य निकेतन में गिरी हुई पीजी बिल्डिंग के आस-पास की खतरनाक और जर्जर इमारतों को गिराने का काम शुरू कर दिया है। इन इमारतों में चल रहे गर्ल्स पीजी को तुरंत खाली कराया जा रहा है, ताकि किसी अन्य बड़ी अनहोनी को टाला जा सके। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में छात्राएं अपना पीजी खाली कर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हो रही हैं। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार तक कुल 24 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा चुकी है और 7 अवैध ढांचों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर मुस्तैद रहे हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारियां और पुलिस पूछताछ में खुलासे
सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुए इस भीषण हादसे के मामले में पुलिस ने बुधवार तक कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हाल ही में पुलिस ने सुधांशु नाम के युवक को गिरफ्तार किया है, जो बिल्डिंग में 'हॉस्टल डेज' नाम से पीजी चला रहा था, जबकि उसका पार्टनर शुभम त्यागी अभी भी फरार चल रहा है। इन दोनों ने अगस्त 2025 में इस बिल्डिंग को लीज पर लिया था। इससे पहले मुख्य आरोपी बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल (जो एयरफोर्स के रिटायर्ड सार्जेंट हैं), उनकी पत्नी उर्मिला, बेटे महेश और लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
अदालत में पेशी के दौरान आरोपी महेश ने पूछताछ में खुलासा किया कि बेसमेंट में जमा पानी और सीलन की समस्या को दूर करने के लिए मरम्मत का काम चल रहा था। ठेकेदार सनोज ने बताया कि उसे 10 दिन पहले 2800 रुपये रोज की दिहाड़ी पर रेनोवेशन के लिए रखा गया था। बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के बराबर लाने के लिए मलबे से भराई की जा रही थी और हादसे वाले दिन दुकान की जगह बाधा बन रही एक दीवार को भी हटा दिया गया था, जिसके बाद कमजोर इमारत अचानक भार नहीं झेल पाई और भरभराकर गिर गई।
छात्राओं का वायरल वीडियो और सुप्रीम कोर्ट का संज्ञान
कनक लता गर्ल्स पीजी, जो 'हॉस्टल डेज' के बिल्कुल पड़ोस में स्थित है, की दीवारों और छतों में भी गंभीर दरारें आ चुकी थीं। यहाँ रहने वाली दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्राओं ने हादसे से कुछ मिनट पहले अपने कमरों की दीवारों में पड़ी खतरनाक दरारों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था, जो काफी वायरल हुआ था।
दूसरी ओर, यह गंभीर मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया है। 10 सितंबर को इस मामले पर सुनवाई तय की गई है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने संकेत दिया है कि इस मुद्दे को केवल दिल्ली तक सीमित न रखकर देशभर में जर्जर और अवैध इमारतों की सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
प्रशासनिक फेरबदल और MCD की सख्त कार्रवाई
हादसे की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम (MCD) ने भारी प्रशासनिक गाज गिराई है। MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार समेत चार प्रमुख इंजीनियरिंग अधिकारियों को विभागीय जाँच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है। उनके स्थान पर 2016 बैच के AGMUT कैडर के आईएएस अधिकारी सौरभ को साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जो वर्तमान में साउथ वेस्ट जोन के डिप्टी कमिश्नर के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
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