मध्य प्रदेश के धार्मिक और पवित्र नगर ओंकारेश्वर में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसमें उज्जैन से आए एक युवक की नर्मदा नदी में डूबने से मौत हो गई। इस दुर्घटना के बाद मृतक के दोस्तों ने स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद की व्यवस्थाओं पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यह पूरी घटना सुबह के समय गोमुख घाट पर घटी, जिसने एक बार फिर तीर्थ स्थलों पर सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। मृतक युवक उज्जैन के एक होटल में बतौर मैनेजर अपनी सेवाएं दे रहा था और अपने एक साथी के साथ ओंकारेश्वर दर्शन व स्नान के लिए आया था।

घटना का पूरा घटनाक्रम और समय

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे ओंकारेश्वर के प्रसिद्ध गोमुख घाट पर हुआ। मृतक की पहचान आकाश रैकवार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उज्जैन का रहने वाला था। आकाश के साथी कुणाल गुर्जर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आकाश ने बुधवार सुबह करीब 3 बजे अचानक ओंकारेश्वर जाने का प्लान बनाया था। इसके बाद दोनों दोस्त बिना किसी देर के उज्जैन से सीधे ओंकारेश्वर पहुंचे। वहां पहुँचने के बाद वे दोनों नर्मदा स्नान करने के लिए गोमुख घाट की तरफ गए। किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह धार्मिक यात्रा इतनी जल्दी एक बड़े हादसे में बदल जाएगी।

स्नान के दौरान गहरे पानी में डूबने की घटना

कुणाल गुर्जर ने बताया कि जब वे दोनों गोमुख घाट पर नर्मदा नदी में स्नान कर रहे थे, तभी अचानक आकाश का पैर फिसला या वह बहते हुए गहरे पानी की तरफ चला गया। गहरे पानी में जाने के कारण आकाश संभल नहीं पाया और डूबने लगा। अपनी जान बचाने के लिए उसने चिल्लाना शुरू किया। उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद स्थानीय लोग, नाविक और गोताखोर तुरंत हरकत में आए और मौके पर दौड़े आए। उन सबकी संयुक्त मदद से आकाश को किसी तरह पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी स्थिति काफी नाजुक हो चुकी थी।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

पानी से बाहर निकालने के बाद आकाश को बचाने के लिए तुरंत प्रयास किए गए। कुणाल के मुताबिक, नाविकों और मौके पर मौजूद एसडीईआरएफ (SDERF) के जवान गणेश की सहायता से आकाश को किसी तरह ममलेश्वर मंदिर क्षेत्र तक लाया गया। तुरंत इलाज की जरूरत थी, लेकिन मौके पर एंबुलेंस या अन्य सुलभ चिकित्सा वाहन न मिलने के कारण एक टेंपो की मदद ली गई। टेंपो में डालकर उसे सिविल अस्पताल ओंकारेश्वर पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर रवि वर्मा ने आकाश का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर से उसके परिवार और दोस्तों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

नगर परिषद और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद मृतक के साथी कुणाल गुर्जर ने ओंकारेश्वर नगर परिषद की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक इंतजामों पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्य रूप से दो बड़े आरोप लगाए हैं:

  • रास्ते में रुकावट: कुणाल का आरोप है कि काशीविश्वनाथ मंदिर के रास्ते में पाइपलाइन का काम चल रहा था या रास्ते में पाइप पड़े हुए थे, जिसके कारण टेंपो को सीधे अस्पताल जाने के बजाय लंबा रास्ता बदलकर जाना पड़ा। इस वजह से काफी कीमती समय बर्बाद हुआ।

  • बचाव में लापरवाही का आरोप: उनका यह भी आरोप था कि एसडीईआरएफ का एक जवान घटना के वक्त कमर तक पानी में मौजूद था, लेकिन उस जवान ने डूब रहे आकाश को बचाने के लिए किसी प्रकार का सक्रिय प्रयास नहीं किया।

इन तमाम आरोपों के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, प्रशासनिक या संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना बाकी है, जिसके बाद ही इन आरोपों की पूरी पुष्टि हो सकेगी।

पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही मांधाता थाना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। थाना मांधाता के सहायक उपनिरीक्षक (ASI) सतीश सोहनी ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर विधिवत रिपोर्ट दर्ज कर ली है और अपनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मृतक के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। उनके ओंकारेश्वर पहुंचने के बाद नियमानुसार मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, ताकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सके। पुलिस हर एंगल से इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।