बिहार राज्य में इन दिनों बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। राज्य की प्रमुख नदियां, विशेष तौर पर गंगा, कोसी, गंडक और घाघरा, अभी भी उफान पर बह रही हैं और खतरे के निशान से ऊपर हैं। इस भीषण आपदा के कारण राज्य के 14 जिलों के 62 प्रखंडों की 491 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे लगभग 35.89 लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है और लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तलाश करने पर मजबूर हैं।
भागलपुर और अन्य जिलों में नदियों का रौद्र रूप
भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में गंगा नदी ने पिछले 5 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यहाँ मंगलवार को गंगा का जलस्तर 36.81 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इससे पहले साल 2021 में जलस्तर 36.75 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। राजधानी पटना में पुनपुन नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटों में 9 सेंटीमीटर बढ़ा है और श्रीपालपुर में यह खतरे के निशान से 2.95 मीटर ऊपर बह रही है। इसके साथ ही दरधा और महतमाइन नदियां भी उफान पर हैं। दुखद रूप से भोजपुर जिले में बाढ़ के पानी में डूबने से 4 लोगों की मौत की खबर भी सामने आई है। इसके अलावा सारण जिले में माही नदी पर बना जमींदारी बांध टूटने से स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है।
प्रमुख नदियों की जलस्तर स्थिति
राज्य में बहने वाली विभिन्न नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिनका विवरण इस प्रकार है:
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गंगा नदी: गांधीघाट पर 161 सेंटीमीटर और कहलगांव में 163 सेंटीमीटर लाल निशान के ऊपर बह रही है।
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कोसी नदी: कटिहार में 142 सेंटीमीटर और खगड़िया में 134 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर है।
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गंडक नदी: गोपालगंज के डुमरिया में 51 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
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बागमती नदी: मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में 25 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज की गई है।
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पुनपुन नदी: खतरे के निशान से 290 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
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घाघरा नदी: सीवान के दरौली और गंगपुर में खतरे के निशान से ऊपर चल रही है।
राहत शिविरों की जमीनी हकीकत और कमियां
सरकार और प्रशासन द्वारा बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत शिविर चलाने और भोजन उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन ज़मीनी हालात काफी अलग हैं। राहत शिविरों में दोनों वक्त दाल-भात-सब्जी तो मिल रही है, मगर छोटे बच्चों के लिए दूध, महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड, चेंजिंग रूम और मवेशियों के चारे का भारी संकट बना हुआ है। कई जिलों में राहत रसोई केवल कागजी साबित हो रही है। बगहा के मधुबनी प्रखंड के रेवहिया में गंडक नदी का लगातार कटाव जारी है, जिससे अब तक 70 घर और एक प्राथमिक विद्यालय समेत सैकड़ों एकड़ फसल नदी में समा चुकी है।
मौसम विभाग का अलर्ट और बारिश की स्थिति
दूसरी ओर, मौसम विभाग ने राज्य के 16 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें से 5 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि पटना समेत 11 अन्य जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस मानसून सीजन में बिहार में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। राज्य में अब तक 837.1 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 541 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की गई है, जो कि सामान्य से करीब 35% कम है। हालांकि, पिछले 24 घंटों के दौरान मुजफ्फरपुर में 62 मिमी, गया में 58 मिमी, मधुबनी में 54 मिमी, रोहतास में 42 मिमी और नवादा में 38 मिलीमीटर अच्छी बारिश दर्ज की गई है।
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