RDSS योजना में फर्जीवाड़ा: उज्जैन में अनावश्यक ट्रांसफॉर्मर स्थापना का खुलासा

बिजली व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई वितरण क्षेत्र सुधार योजना (RDSS) में उज्जैन जिले में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस योजना के तहत उन क्षेत्रों में नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाने थे, जहां पुराने ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड हो रहे थे। लेकिन, भास्कर की जांच में यह पाया गया कि कई जगहों पर बिना जरूरत के ही नए ट्रांसफॉर्मर लगा दिए गए।

  • उज्जैन जिले के 15 गांवों की पड़ताल में, कई स्थानों पर अनावश्यक ट्रांसफॉर्मर लगाए गए।
  • जिन क्षेत्रों में पुराने ट्रांसफॉर्मर पर ओवरलोड नहीं था, वहां भी नए ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए गए।
  • कुछ स्थानों पर पहले से लगे ट्रांसफॉर्मर ही पर्याप्त क्षमता वाले थे।
  • कई गांवों में जहां अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर की जरूरत थी, वहां यह कार्य नहीं हुआ।

जरूरी सूचना: बिजली कंपनी के अधिकारियों ने इस मामले की जानकारी होने से इंकार किया है।

केस स्टडी के अनुसार, चिढ़ी रावदिया, आलोट जांगीर और पगारा जैसे गांवों में गैर-जरूरी जगहों पर नए ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए गए हैं। इन गांवों में पहले से लगे ट्रांसफॉर्मर पर लोड की स्थिति सामान्य थी। उदाहरण के लिए, चिढ़ी रावदिया में 100 kVA के ट्रांसफॉर्मर पर केवल 60 kVA का लोड था, फिर भी वहां एक और ट्रांसफॉर्मर लगा दिया गया।

यह मामला बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही को उजागर करता है और यह सवाल उठाता है कि क्या इस तरह की योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हो रहा है। यह आवश्यक है कि इस मामले की गहन जांच की जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।