उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती: भक्तों ने लिया दिव्य दर्शन का लाभ

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के चार बजे भस्म आरती के लिए मंदिर के कपाट खोले गए। इस पवित्र अवसर पर भगवान महाकाल का विशेष अभिषेक किया गया, जिसमें पंचामृत और अन्य तत्वों का उपयोग किया गया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस दिव्य आरती के साक्षी बने और भगवान महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

  • श्री महाकालेश्वर मंदिर में सुबह चार बजे भस्म आरती के लिए कपाट खोले गए।
  • भगवान महाकाल का अभिषेक हरि ओम जल और पंचामृत से किया गया।
  • महाकाल का रजत चंद्र, त्रिशूल, और त्रिपुंड धारण कराकर ड्रायफ्रूट से शृंगार किया गया।
  • नंदीजी का स्नान, ध्यान और पूजन नंदी हॉल में सम्पन्न हुआ।
  • महानिर्वाणी अखाड़ा द्वारा भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई।
  • भक्तों ने झांझ, मंजीरे और डमरू की ध्वनि के बीच आरती का आनंद लिया।

महत्वपूर्ण निर्देश: भक्तों से अनुरोध है कि मंदिर परिसर में कोविड-19 सुरक्षा नियमों का पालन करें और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें। किसी भी प्रकार का धार्मिक या सामाजिक विवाद न उत्पन्न करें।

महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का आयोजन उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह आयोजन भगवान महाकाल के निराकार से साकार रूप में दर्शन का प्रतीक है। इस पवित्र आयोजन में भाग लेने वाले श्रद्धालु इस अवसर को बेहद पवित्र और आत्मिक अनुभव मानते हैं। उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एक विशेष धार्मिक अवसर है, जो जीवन में अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है।