उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर के स्थानांतरण पर विवाद: संतों ने दिलाई संघर्ष की शपथ

उज्जैन के सराफा बाजार स्थित खड़े हनुमान मंदिर को यथास्थान रखने की मांग के साथ बुधवार को सकल हिंदू समाज ने शक्ति प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में साधु-संतों ने भक्तों को अपने प्राणों की आहुति देने की शपथ दिलाई और चेतावनी दी कि प्रतिमा हटाने का प्रयास किया गया तो आंदोलन और व्यापक होगा।

  • संतों ने भक्तों को दिलाई मंदिर को यथास्थान रखने की शपथ।
  • लगभग 5,000 लोगों ने प्रदर्शन में लिया हिस्सा, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
  • हनुमान चालीसा का पाठ और जय श्रीराम के जयकारे लगाए गए।
  • एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन, जिसमें प्रतिमा को न हटाने की मांग की गई।
  • विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।

पुजारी बोले- प्रतिमा हटाने का निर्णय दिन में लिया जाए

महाकाल मंदिर के पुजारी महेश गुरु ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि प्रतिमा हटाने का निर्णय लिया गया, तो वह दिन में किया जाए। उन्होंने कहा, "फिर हिंदुओं के सीने आपके सामने होंगे, जो गोली खाने के लिए तैयार हैं।"

संतों ने घोषणा की कि यदि प्रशासन उनकी मांगों को नहीं मानता, तो अगली बार 50,000 लोग प्रदर्शन में शामिल होंगे। समाज ने प्रशासन को यह स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए और खड़े हनुमान मंदिर को उसी स्थान पर रखा जाए।

एसडीएम एलेन गर्ग ने आश्वासन दिया कि ज्ञापन में दी गई मांगों को मुख्यमंत्री और संबंधित मंच तक पहुंचाया जाएगा। इस मुद्दे पर जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसकी जानकारी लोगों को दी जाएगी।

इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर तैनात रही, जिससे कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।