भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन B-28 का निर्माण बेंगलुरु के BEML प्लांट में हो रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इस मेगाप्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। यह ट्रेन 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी और इसका ट्रायल अगस्त 2027 तक संभावित है।

  • ट्रेन की लंबाई 202 मीटर होगी और इसमें 8 कोच शामिल होंगे, जो 557 यात्रियों की क्षमता रखेंगे।
  • ट्रेन को 1500 किलो न्यूटन के दबाव वाले स्क्वीज टेस्ट से गुजरना होगा, जिससे इसकी बॉडी की मजबूती जांची जा रही है।
  • रेत की बोरियों से ट्रेन की वजन सहने की क्षमता का भी परीक्षण हो रहा है।
  • ट्रेन का डिजाइन भारतीय यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें आरामदायक सीटें और आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।
  • सील्ड गैंगवे, LED लाइटिंग, पावर आउटलेट्स और मॉर्डन बायो-डाइजेस्टर टॉयलेट जैसी सुविधाएं यात्रियों को मिलेगी।

महत्वपूर्ण सूचना: अगस्त 2027 में ट्रायल शुरू होने के बावजूद यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग जनवरी 2029 तक ही संभव होगी।

बीईएमएल प्लांट में फिलहाल सिर्फ ट्रेन की बॉडी का निर्माण हो रहा है। इसके बाद विभिन्न टेस्ट जैसे स्क्वीज टेस्ट, वाइब्रेशन, ब्रेकिंग, HVAC और स्पीड टेस्ट किए जाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार, जून 2027 से ट्रैक ट्रायल शुरू होंगे और अगस्त 2027 तक गुजरात के सूरत-बिलिमोरा हाई-स्पीड ट्रैक पर इसका टेस्ट रन हो सकता है।

मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर ट्रेन के चलने के लिए अभी भी कुछ काम बाकी हैं जैसे ट्रैक बिछाना, OHE, सिग्नलिंग और रेलवे सेफ्टी का सर्टिफिकेशन।

इस बुलेट ट्रेन के डिजाइन में दिव्यांगजन और कम मूवमेंट करने वाले यात्रियों की जरूरतों का भी खास ध्यान रखा गया है। इसके कोचों में हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग (HVAC) की दो यूनिट्स होंगी, जो अंदर के तापमान और नमी को नियंत्रित करेंगी।

यह परियोजना भारत में रेलवे के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो यात्रा को तेज, सुरक्षित और अधिक आरामदायक बनाएगी।