महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में मुख्य आरोपी और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को CBI ने ओमान से गिरफ्तार कर भारत लाया है। ओमान से प्रत्यर्पण के बाद सौरभ को पहले दिल्ली की अदालत में पेश किया जाएगा और फिर रायपुर लाया जा सकता है।
- CBI ने सौरभ चंद्राकर को ओमान में इंटरपोल की मदद से पकड़ा।
- महादेव सट्टा ऐप मामले में CBI दो चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
- ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी सौरभ के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।
- सौरभ ने ओमान में हिरासत के दौरान भारत में जान का खतरा बताया था।
- CBI और ED ने ओमान को सबूत सौंपकर प्रत्यर्पण की मंजूरी प्राप्त की।
महत्वपूर्ण निर्देश: सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी से महादेव सट्टा नेटवर्क के राजनीतिक कनेक्शन और अवैध लेन-देन के राज खुलने की संभावना है।
CBI और ED दोनों एजेंसियां अब सौरभ से पूछताछ करेंगी, जिससे यह उम्मीद है कि महादेव सट्टा नेटवर्क के कई राज सामने आएंगे। सौरभ के खिलाफ पहले से दर्ज सबूतों के आधार पर कड़ी पूछताछ की जाएगी।
सौरभ चंद्राकर के फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट का मामला भी चर्चाओं में है, जिसमें उसकी तस्वीर थी लेकिन नाम श्रीलंकाई क्रिकेटर से मिलता-जुलता था। CBI की जांच में यह पता चला है कि महादेव सट्टा ऐप का संचालन भारत के बाहर से किया जा रहा था और इसमें हवाला के माध्यम से पैसे विदेश भेजे जाते थे।
इस गिरफ्तारी के बाद CBI की रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेशी के दौरान सौरभ से पूछताछ की जाएगी। यह मामला देश में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
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