छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से कानून और व्यवस्था को लेकर एक बड़ी और सख्त कार्रवाई सामने आई है। कोरबा जिले के उरगा थाना पुलिस ने महिला अपराधों और अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पहले मामले में एक नाबालिग बालिका के अपहरण, दुष्कर्म और छेड़छाड़ के गंभीर मामले में आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत दबोचा गया है, वहीं दूसरे मामले में अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब बेचते हुए एक अन्य युवक को पकड़ा गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस दोहरी कार्रवाई से इलाके में अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है।

पहला मामला: नाबालिग से अपहरण, दुष्कर्म और छेड़छाड़ का खुलासा

पुलिस से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, पहले मामले की शुरुआत तब हुई जब एक स्थानीय निवासी ने उरगा थाने में अपनी नाबालिग बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनकी नाबालिग बेटी 19 सितंबर 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे स्कूल जाने की बात कहकर अपने घर से निकली थी, लेकिन वह निर्धारित समय पर स्कूल नहीं पहुँची। काफी तलाशने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने किसी अज्ञात व्यक्ति पर उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की आशंका जताई। परिजनों की शिकायत पर उरगा थाना पुलिस ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया और बालिका की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन कर जाँच शुरू कर दी।

CWC और न्यायालय के बयानों से सामने आया मुख्य आरोपी का नाम

पुलिस की सघन जाँच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कुछ ही दिनों में गायब हुई नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया। इसके बाद कानूनी प्रावधानों के तहत बालिका को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया गया और मजिस्ट्रेट के सामने उसके बयान दर्ज कराए गए। न्यायालय में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 183 के तहत दिए गए अपने गोपनीय बयानों में नाबालिग ने चौंकाने वाला खुलासा किया।

बालिका ने न्यायालय को बताया कि धंवईपुर का रहने वाला मुकेश यादव उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती छेड़छाड़ की और पहले भी कई बार उसके साथ दुष्कर्म (बलात्कार) की घृणित वारदातों को अंजाम दिया था। पीड़िता के इन डरावने बयानों के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण में तुरंत धारा 65(1), 74 बीएनएस तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 8 जैसी गंभीर धाराएं जोड़ दीं।

उरगा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मुकेश यादव (19 वर्ष), पुत्र भारत यादव, निवासी धंवईपुर, थाना कटघोरा, जिला कोरबा को 6 अक्टूबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोरबा के विशेष न्यायालय (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट - FTSC) में पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने उसकी संलिप्तता और अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसे न्यायिक रिमांड पर सीधे जेल भेज दिया।

दूसरा मामला: दर्राभाठा पानी टंकी के पास अवैध महुआ शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार

कोरबा पुलिस द्वारा महिला अपराध के खिलाफ की गई इस बड़ी कार्रवाई के साथ-साथ अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ भी समानांतर रूप से कड़ा एक्शन लिया गया है। दूसरे मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि उरगा थाने की पेट्रोलिंग टीम को 5 अक्टूबर 2026 को एक पुख्ता मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया कि क्षेत्र के दर्राभाठा पानी टंकी के पास सार्वजनिक और आम स्थान पर एक व्यक्ति अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब रखकर ग्राहकों को बेच रहा है।

सूचना मिलते ही उरगा थाना पुलिस की टीम बिना कोई देर किए तुरंत बताए गए स्थान पर पहुँची। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मौके से आरोपी अजीत खुंटे को धर दबोचा। पुलिस ने जब आरोपी की तलाशी ली और उसके पास रखे सामान की जाँच की, तो उसके कब्जे से कुल 8 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब बरामद की गई। पुलिस ने मौके से पूरी शराब को अपने कब्जे में ले लिया और आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी एक्ट (Excise Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद आरोपी को भी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के पश्चात न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस की इस दोहरी कार्रवाई से आम जनता ने ली राहत की सांस

कोरबा जिले में एक ही दिन में दो अलग-अलग मामलों में पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध जनों ने गहरी राहत की सांस ली है। समाज में बढ़ रहे महिला अपराधों और नाबालिगों के खिलाफ हो रहे इस प्रकार के कुकृत्यों पर लगाम कसने के लिए पॉक्सो एक्ट के तहत की गई यह कार्रवाई बेहद सराहनीय मानी जा रही है। साथ ही, खुलेआम अवैध महुआ शराब बेचकर युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस का डंडा चलना भी कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत करता है।

कोरबा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी तरह के अवैध कारोबार, गुंडागर्दी या महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी इस प्रकार के अपराधियों के खिलाफ लगातार और कड़े अभियान चलाए जाएंगे, ताकि जिले में शांति, सुरक्षा और कानून का भय पूरी तरह कायम रह सके।